दिल्ली विधानसभा / मुस्लिम बाहुल्य और रिजर्व सीटों पर सबसे ज्यादा मतदान, सीएए पर दिखाया गुस्सा

दिल्ली विधानसभा / मुस्लिम बाहुल्य और रिजर्व सीटों पर सबसे ज्यादा मतदान, सीएए पर दिखाया गुस्सा





दिल्ली विधानसभा में 61.71 फीसदी वोटिंग हुई।दिल्ली विधानसभा में 61.71 फीसदी वोटिंग हुई।






  • सीलमपुर 71.40 फीसदी के साथ टॉप पर, मुस्तफाबाद में 70.40 प्रतिशत वोटिंग

  • मुख्यमंत्री केजरीवाल सहित चार मंत्रियों की सीट पर औसत से कम वोटिंग



 


Feb 09, 2020, 04:54 AM IST

नई दिल्ली (अखिलेश कुमार) . दिल्ली विधानसभा में 61.71 फीसदी वोटिंग हुई लेकिन मुस्लिम सीटों पर नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के साथ वोटर निकले। अधिक वोटिंग वाली टॉप 5 सीट में मुस्लिम बाहुल्य या फिर रिजर्व सीटें शामिल हैं। सबसे अधिक मतदान सीलमपुर में 71.40 फीसदी हुआ जहां विरोध में खूब बवाल हुआ था। पूरे उत्तर पूर्व जिला में 10 जगह विरोध में तंबू लगा है और यहां की दूसरी सीट मुस्तफाबाद है जहां 70.40 फीसदी वोटर निकले। वहीं तीसरे नंबर पर रिजर्व सीट गोकलपुरी है जहां 69.73 फीसदी वोट बूथ तक पहुंचे। मुस्लिम और रिजर्व सीटों पर अधिक वोटिंग को सीधे तौर पर चुनाव विश्लेषण आम आदमी पार्टी के लिए फायदे का सौदा बता रहे हैं।


उनका कहना है कि मुस्लिम सीटों का वोटर एकतरफ वोट करता है। अभी तक का आंकलन यही बता रहा है कि मुस्लिम वोटर्स आप की तरफ गया है। इसी तरह से रिजर्व सीट की बात करें तो वहां भी आप प्रत्याशी की बढ़त है। मंत्री राजेंद्र पाल गौतम की सीट सीमापुरी जो मुस्लिम बाहुल्य होने के साथ रिजर्व भी है, यहां 68 फीसदी मतदान हुआ है। दिल्ली में पॉश कालोनी वाली सीट में शामिल कृष्णा नगर, त्रिनगर, शाहदरा, जनकपुरी, ग्रेटर कैलाश में भी वोटर निकले। इन सीटों पर 65 फीसदी से अधिक मतदान हुआ है। इन सीटों पर अधिक मतदान को भाजपा के पक्ष में माना जा रहा है। नरेला और नजफगढ़ में भी करीब 65 फीसदी मतदान हुआ जिसे बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।


मुख्यमंत्री केजरीवाल की नई दिल्ली सीट पर 51.64 फीसदी, मनीष सिसोदिया की पटपड़गंज सीट पर 61.28 फीसदी के अलावा सत्येंद्र जैन की सीट शकूरबस्ती में भी वोटिंग का प्रतिशत 49.19 रहा है। इसी तरह इमरान हुसैन की सीट बल्लीमारान में भी औसत से कम करीब 58 फीसदी वोटिंग हुई है। गोपाल राय और कैलाश गहलोत की सीट पर औसत से अधिक वोटिंग हुई है।


सीलमपुर सीट - बयान नहीं, विकास को बनाया आधार  



सीएए और एनआरसी के विरोध की गवाह सीलमपुर की रोड नंबर 66 पर पोलिंग के तीन सेंटर हैं। यहां जीनत महल सर्वोदय कन्या विद्यालय में सुबह से भारी पुलिस बल तैनात रहा। वोटर्स भी पहुंच रहे थे। बाहर कतार में खड़े मोहम्मद जुबेर ने कहा कि देश में शांति होना चाहिए। एक महिला ने कहा कि ऐसी सरकार चाहिए जो गरीबों को रहने दे, यहां से भगाए नहीं। जाकिर हुसैन मैमोरियल स्कूल में वोटिंग करने वालों की कतार शाम तक लगी रही। जाफराबाद की गली में घुसे तो यहां की मार्केट में हर तरफ बैनर लगे थे जिसमें लिखा था सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध करेंगे। धीरे से नहीं सुनोगे तो जोर से बोलेंगे। ब्रह्मपुरी रोड पर पहुंचे तो वहां वोट करने पहुंची शबाना खान ने कहा कि स्कूल और अस्पताल में सुधार हुआ है उसी के नाम पर वोट किया है। गौतम पुरी और ब्रह्मपुरी की कुछ गलियों में भगवा झंडा जरूर दिखा।


कृष्णा नगर सीट - सीएए के खिलाफ लोगों ने डाला वोट



कृष्णा नगर क्षेत्र का खुरेजी इलाका। नगर निगम स्कूल में मतदान केंद्र पर महिलाओं की संख्या ज्यादा दिखाई दी। यहां से कुछ दूरी पर ही पेट्रोल पंप के पास लंगर चल रहा है। सामने बैनर लगा है। जिस पर लिखा है हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई एकता लंगर। यहां काम कर रहे मुस्तकीम हुसैन ने बताया कि प्रदर्शन करने के लिए टेंट लगा है। अभी लोग मतदान करने गए हैं।  जब उनसे पूछा कि इस बार वोट किन-किन मुद्दों पर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहला तो काम। दूसरा भाजपा और सीएए के खिलाफ। प्रदर्शन स्थल पर 8-10 महिलाएं बैठी थीं, दूसरी तरफ बच्चे खेल रहे थे। एक महिला बोली, अभी मतदान करने गए हैं। यहां पर तीन लोग प्रतिदिन 24 घंटे भूख हड़ताल पर रहते हंै। इसमें दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल रहता है। प्रदर्शन खत्म होने के सवाल पर एक महिला ने जवाब दिया कि सीएए वापस लिए जाने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।


ओखला सीट - शाहीन बाग में प्रदर्शन रोक किया मतदान



जामिया नगर और शाहीनबाग में नागरिकता कानून की खिलाफत कर रहे प्रदर्शनकारियों ने चुनाव वाले दिन पूरा सहयोग किया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सामने धरने पर बैठे छात्रों ने शुक्रवार रात ही एक दिन के लिए धरने को स्थगित कर दिया था, जिस वजह से सामने वाली दोनों ओर की सड़क ट्रैफिक के लिए खुली रही। लाउड स्पीकर बंद रहा। यहां आने से पहले लोगों ने वोट डाले। इन लोगों का कहना था कि चुनाव शांति पूर्ण तरीके से सम्पन्न हो, इस बात को ध्यान में रख शाम आठ बजे तक के लिए धरने को स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। शाहीन पब्लिक स्कूल, ओखला मॉर्डन पब्लिक स्कूल और मौलाना अबुल कलाम आजाद स्कूल में जमकर वोटिंग हुई। मोहम्मद हैदर और अफरोज ने कहा कि के नाम पर वोट किया है। जामिया नगर क्षेत्र के विभिन्न पोलिंग बूथ में भी लोगों ने घर से बाहर निकलकर मतदान किया।


चांदनी चौक सीट - महंगाई, एनआरसी व ‘फ्री’ में बंटे वोट



चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में सुबह वोटरों की संख्या कम दिखाई दी। अधिकतर वोटरों ने बताया कि बिजली फ्री, पानी फ्री, महिलाओं के लिए बस में फ्री सफर ने उन्हें काफी राहत दी। कांग्रेस ने खुद ही अपने आपको चुनावी जंग से बाहर मान लिया है। जामा मस्जिद के नजदीक सर्वोदय बाल विद्यालय नंबर एक वोटिंग सेंटर से वोट देकर निकले वोटर शाहिद खां ने कहा सीएए, एनआरसी मुख्य मुद्दा है। जामा मस्जिद से सीएए व एनआरसी के विरोध में लगातार प्रदर्शन चलाया जा रहा है। वोटर अनीश ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के चलते उनका कारोबार ठप्प हो गया है। महंगाई पर कोई लगाम नहीं लगाई। कांग्रेस के उम्मीदवार बीते पांच साल की बात छोड़ दें, चुनाव के समय भी इलाके में वोट मांगने नहीं आए। उसको वोट करना डिब्बे में डालने जैसा है। चुनाव कोई भी लोगों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य की ही चिंता रहती है।


मॉडल टाउन सीट - पॉश की जगह झुग्गी बस्तियों में रौनक



वीकेंड के कारण मतदाता कम निकले। झुग्गी-झोपड़ियों, स्लम क्षेत्रों के बूथों पर भीड़ दिखी, पॉश कॉलोनियों में बूथ खाली दिखे। मादीपुर प्राथमिक विद्यालय के बूथ के बाहर आप, भाजपा, कांग्रेस और बसपा के लोग काउंटर लगाए हुए थे। आप और भाजपा के काउंटर पर कुछ लोग थे लेकिन कांग्रेस और बसपा के स्टॉल सूने थे। रोहिणी सेक्टर 9 बरगोदिया स्कूल के बूथ के बाहर चहल-पहल थी कुछ परिवार वोट देकर बाहर निकल रहे थे। उनसे पूछा तो बताया कि लड़ाई आप और भाजपा के बीच ही है।  आदर्श नगर विधान सभा क्षेत्र के जहांगीरपुरी प्राथमिक विद्यालय के  पोलिंग स्टेशन पर कांग्रेस, भाजपा और आप तीनों पार्टियों के स्टॉल पर चहल-पहल दिखी। मतदान कर लौट रहे लोगों से पूछा तो बताया कि आप ने कोई काम नहीं करवाया। मॉडल टाउन के गर्वर्मेंट पब्लिक स्कूल में पोलिंग बूथ पर आप कार्यकर्ताओं की चहल पहल थी।